चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर | Compound Interest Calculator

चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर से ब्याज और कुल रकम आसानी से निकालें। Compound Interest का Formula, उदाहरण और साधारण ब्याज से अंतर आसान भाषा में समझें।

चक्रवृद्धि ब्याज · वार्षिक दर

चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर

मूलधन, वार्षिक दर और समय डालें। ब्याज हर साल मूलधन में जुड़कर बढ़ेगा। माइक से बोलकर भी भर सकते हैं।

समय Time

आंकड़े भरें, परिणाम यहीं दिखेगा

चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर – Compound Interest Calculator

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) में पहले मिला ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है। अगली अवधि का ब्याज उसी बढ़ी रकम पर लगता है। इसे आसानी से ब्याज पर ब्याज कह सकते हैं। ₹10,000 पर पहले साल ₹1,000 जुड़ा, तो दूसरे साल हिसाब ₹11,000 पर बनेगा, ₹10,000 पर नहीं।

नीचे चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर से मूलधन, सालाना दर और समय डालकर कुल रकम और कुल ब्याज देखा जा सकता है। यह टूल अभी सालाना चक्रवृद्धि मानता है — यानी ब्याज हर साल मूलधन में जुड़ता है। हर बैंक या स्कीम का तरीका इससे अलग हो सकता है।

 

चक्रवृद्धि ब्याज क्या है?

साधारण ब्याज हर बार शुरू की मूल रकम पर लगता है। चक्रवृद्धि में जमा ब्याज अगली बार की आधार रकम बन जाता है। इसीलिए इसे ब्याज पर ब्याज कहा जाता है।

उदाहरण: ₹10,000 पर पहले साल ₹1,000 ब्याज मिला और वह मूलधन में जोड़ दिया गया। अगले साल ब्याज ₹10,000 पर नहीं, ₹11,000 पर निकलेगा। समय जितना लंबा, यह फर्क उतना साफ दिखता है।

चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर Compound Interest Calculator

 

चक्रवृद्धि ब्याज कैसे काम करता है?

₹1,00,000, सालाना 10%, दो साल, ब्याज हर साल जुड़ता हो तो साल-दर-साल ऐसा बैठता है। 10% कोई चालू बैंक दर नहीं, समझने का आंकड़ा है।

  • पहला साल: मूलधन ₹1,00,000, ब्याज ₹10,000, नई रकम ₹1,10,000
  • दूसरा साल: हिसाब ₹1,10,000 पर, ब्याज ₹11,000, अंतिम रकम ₹1,21,000

कुल चक्रवृद्धि ब्याज = ₹1,21,000 − ₹1,00,000 = ₹21,000। साधारण ब्याज में दो साल पर ₹20,000 बैठता। फर्क दूसरे साल के उस ₹1,000 से आया, जो पहले साल के ब्याज पर लगा।

 

चक्रवृद्धि ब्याज का Formula क्या है?

आम सूत्र यह है:

A = P(1 + r/n)^(nt)

Symbol मतलब
P मूलधन (Principal)
r सालाना ब्याज दर, दशमलव में (10% = 0.10)
n एक साल में ब्याज कितनी बार जोड़ा जाता है
t समय, वर्षों में
A कुल रकम (Total Amount)

चक्रवृद्धि ब्याज = A − P

ब्याज साल में एक बार जुड़े तो n = 1, और सूत्र छोटा हो जाता है: A = P(1 + r)^t। ऊपर वाले ₹1 लाख के उदाहरण में यही है — ₹1,00,000 × (1.10)^2 = ₹1,21,000।

इस पेज का कैलकुलेटर इसी सालाना रूप को इस्तेमाल करता है: कुल राशि = मूलधन × (1 + दर/100)^समय। महीने डालने पर समय को साल के हिस्से में बदला जाता है। यह छमाही या मासिक compounding का अलग सूत्र नहीं है।

 

चक्रवृद्धि ब्याज Calculator

आंकड़े भरकर हिसाब यहीं देखा जा सकता है। गुणा-भाग कागज पर करना ज़रूरी नहीं।

टूल में ये चीजें भरनी होती हैं:

  1. मूलधन — ₹10,000, ₹50,000 या ₹1 लाख जैसे चिप्स भी हैं।
  2. ब्याज दर — सालाना प्रतिशत। 6%, 8%, 10%, 12% के बटन भी हैं। ये उदाहरण हैं, आज की बैंक दर नहीं।
  3. समय — वर्ष और माह। 6 माह, 1 वर्ष, 3 वर्ष, 5 वर्ष के शॉर्टकट भी हैं।

हिसाब देखें दबाने पर कुल राशि, कुल ब्याज, मूलधन, समय और ब्याज का हिस्सा दिखता है। औसत मासिक ब्याज कुल ब्याज को महीनों से भाग देकर आता है — यह मासिक चक्रवृद्धि नहीं है। नीचे 1, 2, 3, 4, 5 और 10 वर्ष का सारांश भी बनता है।

अभी कैलकुलेटर में तिमाही, छमाही या रोज़ाना compounding चुनने का विकल्प नहीं है। वह हिसाब चाहिए हो तो सूत्र में n बदलकर अलग से निकाला जा सकता है, या प्रोडक्ट की शर्त पढ़नी चाहिए।

 

₹1 लाख पर 10% चक्रवृद्धि ब्याज कितना होगा?

नीचे सालाना चक्रवृद्धि है। दर 10% सालाना, मूलधन ₹1,00,000।

1 साल: ₹1,00,000 × 1.10 = ₹1,10,000। ब्याज ₹10,000। एक साल और सालाना जुड़ाव पर यह साधारण ब्याज जितना ही बैठता है।

2 साल

₹1,10,000 × 1.10 = ₹1,21,000। कुल ब्याज ₹21,000।

3 साल

₹1,00,000 × (1.10)^3 = ₹1,33,100। कुल ब्याज ₹33,100।

समय कुल रकम कुल ब्याज
1 साल ₹1,10,000 ₹10,000
2 साल ₹1,21,000 ₹21,000
3 साल ₹1,33,100 ₹33,100
5 साल ₹1,61,051 ₹61,051

पाँच साल में ब्याज ₹61,051 — मूलधन का आधे से ज्यादा। साधारण 10% पर पाँच साल में सिर्फ ₹50,000 बैठता। फर्क समय के साथ खुलता है। यह hypothetical उदाहरण है, निवेश की सलाह नहीं।

 

₹50,000 पर चक्रवृद्धि ब्याज का उदाहरण

₹50,000, 10% सालाना, 2 साल, सालाना चक्रवृद्धि।

पहला साल: ₹50,000 + ₹5,000 = ₹55,000। दूसरा साल: ₹55,000 पर 10% = ₹5,500। कुल रकम ₹60,500। कुल ब्याज ₹10,500। साधारण ब्याज में दो साल ₹10,000 होते। ₹500 का फर्क दूसरे साल के ब्याज-पर-ब्याज से आया।

 

₹10,000 पर चक्रवृद्धि ब्याज

₹10,000, 10% सालाना, 3 साल, सालाना चक्रवृद्धि। ₹10,000 × (1.10)^3 = ₹13,310। ब्याज ₹3,310। साल-दर-साल रकम ₹11,000, फिर ₹12,100, फिर ₹13,310। छोटी रकम पर भी पैटर्न वही है।

 

सालाना और मासिक चक्रवृद्धि ब्याज में अंतर

नाममात्र सालाना दर एक हो, तो भी ब्याज जितनी बार जुड़े, कुल रकम बदल सकती है। n बढ़े तो सूत्र A = P(1 + r/n)^(nt) में आंकड़ा थोड़ा ऊपर जा सकता है।

₹1,00,000 पर 10% सालाना, सिर्फ 1 साल, समझने का गणित:

  • सालाना (n = 1): ₹1,10,000
  • छमाही (n = 2): ₹1,10,250
  • तिमाही (n = 4): लगभग ₹1,10,381
  • मासिक (n = 12): लगभग ₹1,10,471

ये effective annual rate के करीब अलग-अलग नतीजे हैं। नाममात्र दर सबमें 10% ही लिखी गई। ऊपर वाला कैलकुलेटर इनमें से पहली पंक्ति निकालता है — सालाना जुड़ाव। बैंक एफडी, बचत या लोन की शर्त बताएगी कि ब्याज साल, तिमाही या महीने जुड़ता है। कोई एक नियम सब प्रोडक्ट पर नहीं चलता।

 

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में अंतर

₹1,00,000, 10% सालाना, 2 साल। साधारण ब्याज: ₹1,00,000 × 10 × 2 ÷ 100 = ₹20,000, कुल ₹1,20,000। सालाना चक्रवृद्धि: ₹21,000, कुल ₹1,21,000। साधारण हिसाब बैंक का ब्याज कैलकुलेटर पर भी देखा जा सकता है — वह सालाना साधारण सूत्र पर चलता है।

बात साधारण ब्याज चक्रवृद्धि ब्याज
ब्याज किस पर मूलधन मूलधन + जमा हुआ ब्याज
ब्याज पर ब्याज नहीं हाँ
2 साल का उदाहरण ₹20,000 ₹21,000
कुल रकम ₹1,20,000 ₹1,21,000

एक साल और सालाना जुड़ाव पर दोनों बराबर रह सकते हैं। फर्क दूसरी अवधि से खुलता है। गांव वाले सैकड़ा हिसाब अक्सर साधारण मासिक माने जाते हैं — जैसे 1 लाख पर 2 रुपये सैकड़ा ब्याज। वहाँ चक्रवृद्धि न जोड़ें, जब तक समझौता वैसा न हो।

 

चक्रवृद्धि ब्याज कब ज्यादा बढ़ता है?

तीन बातें असर बढ़ाती हैं: समय लंबा हो, दर ऊँची हो, और ब्याज बार-बार जुड़े। पाँच साल का ₹1 लाख वाला उदाहरण एक साल से इसलिए बड़ा दिखता है कि हर साल आधार रकम बढ़ती रही। यह शिक्षा है, किसी स्कीम में पैसा लगाने की सलाह नहीं।

 

चक्रवृद्धि ब्याज और “ब्याज पर ब्याज”

याद रखने की सबसे छोटी तस्वीर यही है — मिला ब्याज अगली बार की पूँजी बन जाता है। ₹1 लाख पर पहले साल ₹10,000, दूसरे साल उस ₹10,000 पर भी ₹1,000। बिना नए सूत्र के भी दिशा समझ आ जाती है। बाकी गुणा कैलकुलेटर या A − P से पूरा करें।

 

चक्रवृद्धि ब्याज कैसे निकालें? आसान तरीका

  1. मूलधन पता करें।
  2. ब्याज दर पता करें — सालाना है या किसी और अवधि की।
  3. समय पता करें।
  4. Compounding frequency पता करें — साल, तिमाही, महीना। इस पेज का टूल सालाना मानता है।
  5. सूत्र या कैलकुलेटर से कुल रकम A निकालें।
  6. A में से मूलधन घटाकर चक्रवृद्धि ब्याज निकल आता है।

 

चक्रवृद्धि ब्याज निकालते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • दर annual है या किसी दूसरी अवधि की, पहले देखें।
  • ब्याज कितनी बार जुड़ता है, प्रोडक्ट की शर्त से मिलाएँ।
  • समय सही डालें। महीने और साल मिलाकर एक ही इकाई में सोचें।
  • कुल रकम और मूलधन का फर्क ही ब्याज है।
  • फीस, टैक्स या और कटौती कैलकुलेटर में शामिल नहीं होती।
  • गांव/सैकड़ा उधार का हिसाब अलग हो सकता है। सामान्य मतलब गांव का सैकड़ा ब्याज Calculator और 2 रुपये सैकड़ा ब्याज कितना होता है? पर साधारण मासिक रूप से समझाया गया है।

यह पेज हिसाब समझाने के लिए है। किसी खास जमा, लोन या व्यक्ति के लिए सलाह नहीं है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

चक्रवृद्धि ब्याज क्या होता है?

वह ब्याज जिसमें पिछला ब्याज मूलधन में जुड़कर अगली बार उसी बढ़ी रकम पर लगता है। बोलचाल में ब्याज पर ब्याज।

चक्रवृद्धि ब्याज कैसे निकाला जाता है?

कुल रकम A सूत्र या कैलकुलेटर से निकालें, फिर मूलधन घटा दें। सालाना जुड़ाव पर A = P(1 + r)^t।

चक्रवृद्धि ब्याज का Formula क्या है?

A = P(1 + r/n)^(nt)। चक्रवृद्धि ब्याज = A − P। साल में एक बार जुड़े तो A = P(1 + r)^t।

₹1 लाख पर 10% चक्रवृद्धि ब्याज कितना होगा?

सालाना चक्रवृद्धि मानें तो 1 साल ₹10,000, 2 साल ₹21,000, 3 साल ₹33,100, 5 साल ₹61,051। 10% hypothetical दर है।

साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में क्या अंतर है?

साधारण हर बार मूल रकम पर लगता है। चक्रवृद्धि जमा ब्याज पर भी लग सकता है। ₹1 लाख, 10%, 2 साल पर फर्क ₹1,000 बैठता है।

क्या चक्रवृद्धि ब्याज हमेशा साधारण ब्याज से ज्यादा होता है?

नहीं। एक साल और सालाना जुड़ाव पर दोनों बराबर हो सकते हैं। समय बढ़े या ब्याज बार-बार जुड़े, तब चक्रवृद्धि आगे निकल सकती है।

मासिक और सालाना compounding में क्या अंतर है?

मासिक में ब्याज साल में बारह बार जुड़ सकता है, सालाना में एक बार। उसी नाममात्र दर पर मासिक वाला आंकड़ा थोड़ा बड़ा हो सकता है। यह पेज का कैलकुलेटर सालाना जुड़ाव निकालता है।

Compound Interest Calculator कैसे इस्तेमाल करें?

मूलधन, सालाना दर, वर्ष और माह भरें। हिसाब देखें। कुल राशि, ब्याज और सालों का सारांश दिखेगा। तिमाही या मासिक compounding का अलग विकल्प अभी टूल में नहीं है।

Recent posts

Latest articles from the blog.

सैकड़ा ब्याज और बैंक ब्याज में क्या अंतर है? आसान भाषा में समझें सैकड़ा ब्याज और बैंक ब्याज में क्या अंतर है? आसान भाषा में समझें सैकड़ा ब्याज और बैंक ब्याज में क्या अंतर है? सैकड़ा ब्याज, मासिक ब्याज, सालाना बैंक ब्याज और ₹1 लाख के उदाहरण से दोनों का हिसाब आसान भाषा में समझें।

No comments yet. Be the first — your note will show after approval.

Leave a comment

Your comment will show here only after the admin approves it. We do not publish it until then.

Captcha image Letters and numbers, 6 characters. Use Refresh if it is hard to read.