सरल ब्याज · मासिक दर
मासिक ब्याज कैलकुलेटर
मूलधन, मासिक ब्याज दर और समय डालें। हिसाब महीने के हिसाब से निकलेगा। माइक से बोलकर भी भर सकते हैं।
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परिणाम
ब्याज = (मूलधन × मासिक दर × कुल महीने) / 100
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वार्षिक सारांश
| वर्ष | मूलधन | ब्याज | कुल राशि |
|---|
मान लीजिए किसी ने कहा — “एक लाख रुपये 2 रुपये सैकड़ा ब्याज पर दिए हैं।” महीने का ब्याज कितना होगा? और साल भर में कुल कितना बनेगा?
गांव और छोटे शहरों में ब्याज अक्सर 1 रुपये सैकड़ा, 2 रुपये सैकड़ा या 3 रुपये सैकड़ा में बताया जाता है। कोई महीने का ब्याज कहता है, कोई साल का। आंकड़ा एक जैसा दिखे, तो भी दर महीने की है या साल की — इसी पर खर्च बदल जाता है।
इस लेख में गांव का ब्याज महीने के हिसाब से साधारण ब्याज (Simple Interest) से समझाया गया है। यह हर निजी उधार का एक ही नियम नहीं है। नीचे गांव का ब्याज कैलकुलेटर से अपनी रकम का हिसाब भी निकाला जा सकता है।

गांव का ब्याज क्या होता है?
गांव का ब्याज बोलचाल का शब्द है। लोग इसे उन स्थानीय या निजी उधार के लिए कहते हैं, जिनमें ब्याज अक्सर सैकड़ा और महीने में बताया जाता है। यह कोई एक तय दर नहीं है। जगह और समझौते के अनुसार तरीका बदल सकता है।
इस पेज का हिसाब मासिक साधारण ब्याज (Simple Monthly Interest) पर है।
अगर कोई कहे “2 रुपये सैकड़ा महीना”, तो यहाँ मतलब यह है: हर ₹100 मूलधन पर एक महीने का ब्याज ₹2।
- ₹100 पर = ₹2 प्रति महीना
- ₹1,000 पर = ₹20 प्रति महीना
- ₹10,000 पर = ₹200 प्रति महीना
- ₹1,00,000 पर = ₹2,000 प्रति महीना

“सैकड़ा” का मतलब क्या है?
सैकड़ा यानी ₹100। 2 रुपये सैकड़ा का मतलब सौ रुपये पर ₹2 ब्याज, यानी 2%। सवाल यह है कि यह महीने का 2% है या साल का। इस लेख में महीने वाली दर मानी गई है।
| सैकड़ा दर | ₹100 पर 1 महीने का ब्याज |
|---|---|
| 1 रुपये सैकड़ा | ₹1 |
| 2 रुपये सैकड़ा | ₹2 |
| 3 रुपये सैकड़ा | ₹3 |
| 4 रुपये सैकड़ा | ₹4 |
| 5 रुपये सैकड़ा | ₹5 |
रकम बड़ी हो तो ब्याज उसी अनुपात में बढ़ता है। दर वही रहती है।
गांव का ब्याज महीने के हिसाब से कैसे निकालें?
गांव का ब्याज कैसे निकाले — इसके लिए तीन बातें चाहिए: मूलधन, सैकड़ा दर और महीने। गांव के ब्याज का हिसाब इन्हीं से बैठता है।
ब्याज का फॉर्मूला:
मासिक ब्याज = (मूलधन × सैकड़ा दर) ÷ 100
कुल ब्याज = मासिक ब्याज × कुल महीने
कुल रकम = मूलधन + कुल ब्याज
- मूलधन (Principal): उधार ली या दी गई मूल रकम
- सैकड़ा दर (Rate): ₹100 पर एक महीने का ब्याज
- महीने (Time): कितने महीनों का हिसाब चाहिए
₹50,000 पर 2 रुपये सैकड़ा हो तो मासिक ब्याज = (50,000 × 2) ÷ 100 = ₹1,000। छह महीने में कुल ब्याज ₹6,000, कुल रकम ₹56,000। बीच में मूलधन लौटे तो हिसाब बदल जाएगा।
आसान उदाहरण — ₹1 लाख पर 2 रुपये सैकड़ा
1 लाख पर 2 रुपये सैकड़ा कितना बैठता है?
- मूलधन = ₹1,00,000
- दर = 2 रुपये सैकड़ा प्रति माह
- समय = 1 महीना
मासिक ब्याज = ₹1,00,000 × 2 ÷ 100 = ₹2,000
उसी दर पर:
- 3 महीने = ₹6,000
- 6 महीने = ₹12,000
- 12 महीने = ₹24,000
12 महीने बाद कुल रकम: ₹1,00,000 + ₹24,000 = ₹1,24,000
यह हिसाब तभी है जब मूलधन वापस न हुआ हो, ब्याज साधारण हो, मूल रकम पर लगे, कोई अलग फीस न हो, और ब्याज पर ब्याज न लगे।
| अवधि | ब्याज | कुल रकम |
|---|---|---|
| 1 महीना | ₹2,000 | ₹1,02,000 |
| 2 महीने | ₹4,000 | ₹1,04,000 |
| 3 महीने | ₹6,000 | ₹1,06,000 |
| 6 महीने | ₹12,000 | ₹1,12,000 |
| 9 महीने | ₹18,000 | ₹1,18,000 |
| 12 महीने | ₹24,000 | ₹1,24,000 |
हर महीने ₹2,000 जुड़ रहा है, क्योंकि ब्याज मूल रकम पर लग रहा है।
अलग-अलग रकम पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज
| मूलधन | 1 महीने का ब्याज | 12 महीने का ब्याज |
|---|---|---|
| ₹10,000 | ₹200 | ₹2,400 |
| ₹25,000 | ₹500 | ₹6,000 |
| ₹50,000 | ₹1,000 | ₹12,000 |
| ₹1,00,000 | ₹2,000 | ₹24,000 |
| ₹2,00,000 | ₹4,000 | ₹48,000 |
| ₹5,00,000 | ₹10,000 | ₹1,20,000 |
₹10,000 पर महीना ₹200 है, वही दर ₹5 लाख पर महीने का ₹10,000 बना देती है।
1, 2 और 3 रुपये सैकड़ा में कितना अंतर है?
₹1,00,000 पर:
| दर | 1 महीने का ब्याज | 12 महीने का ब्याज | साधारण वार्षिक बराबरी |
|---|---|---|---|
| 1 रुपये सैकड़ा | ₹1,000 | ₹12,000 | 12% |
| 2 रुपये सैकड़ा | ₹2,000 | ₹24,000 | 24% |
| 3 रुपये सैकड़ा | ₹3,000 | ₹36,000 | 36% |
साधारण सालाना बराबरी (nominal annual equivalent) = महीने की दर × 12। यानी 2% महीना = 24% साल। यह चक्रवृद्धि के बाद का प्रभावी सालाना दर नहीं है।

गांव का ब्याज और बैंक का ब्याज — क्या अंतर है?
तुलना तभी ठीक है जब दोनों दरें एक ही समय आधार पर हों।
RBI की वित्तीय साक्षरता सामग्री में बैंक लोन की दर आम तौर पर सालाना बताई जाती है, जैसे 10% प्रति वर्ष। कई लोन में ब्याज बकाया राशि पर लगता है, और EMI में मूलधन व ब्याज दोनों होते हैं।
बैंक में: दर अक्सर साल के प्रतिशत में कही जाती है।
मासिक सैकड़ा दर में: दर महीने के हिसाब से कही जा सकती है, जैसे 2 रुपये सैकड़ा प्रति महीना।
₹1,00,000 पर 2 रुपये सैकड़ा/महीना = महीने ₹2,000, 12 महीने ₹24,000, साधारण सालाना बराबरी 24%।
काल्पनिक बैंक उदाहरण: 10% सालाना साधारण ब्याज पर ₹1,00,000 × 10% = ₹10,000 प्रति वर्ष।
यह सिर्फ गणित की तुलना है। असली बैंक लोन का ब्याज बकाया राशि, किस्त, फीस और शर्तों के अनुसार निकलता है। दरें उत्पाद, बैंक और समय के हिसाब से बदलती हैं। महीने को महीने से, साल को साल से मिलाएँ।
2 रुपये महीना और 2% सालाना एक नहीं हैं
2 रुपये सैकड़ा प्रति महीना = 2% प्रति महीना। यह 2% सालाना नहीं है।
2 रुपये सैकड़ा कितना प्रतिशत है? महीने के हिसाब से 2%। 2 रुपये सैकड़ा सालाना कितना? साधारण ब्याज में 2% × 12 = 24% प्रति वर्ष। ₹1 लाख पर वह ₹24,000 है।
अगर कोई कहे “2 रुपये सैकड़ा साल का”, तो ₹100 पर साल भर ₹2 — यानी करीब 2% वार्षिक। ₹1 लाख पर वह साल का सिर्फ ₹2,000 होगा। दर सुनते ही पूछ लें: महीना है, या साल?
क्या इसमें चक्रवृद्धि ब्याज शामिल है?
नहीं। इस कैलकुलेटर में साधारण ब्याज है। ब्याज शुरू की मूल रकम पर लगता है। चक्रवृद्धि तब बनती है जब न चुकाया ब्याज मूलधन में जुड़ जाए और अगली बार उसी बढ़ी रकम पर ब्याज लगे। निजी उधार में दोनों तरीके हो सकते हैं।
गांव का ब्याज कैलकुलेटर
अगर आप खुद हिसाब लगाना चाहते हैं, तो नीचे गांव का ब्याज कैलकुलेटर में मूलधन, महीने की ब्याज दर और अवधि भरें। यह मासिक ब्याज कैलकुलेटर मासिक ब्याज, कुल ब्याज और कुल रकम निकाल देगा।
Calculator कैसे इस्तेमाल करें
- मूलधन डालें, जैसे ₹1,00,000।
- प्रति 100 रुपये की मासिक दर डालें — 2 रुपये सैकड़ा हो तो 2 लिखें।
- कितने महीने का हिसाब चाहिए, वह डालें।
- Calculate बटन दबाएं।
- मासिक ब्याज, कुल ब्याज और कुल रकम देखें।
उदाहरण: ₹50,000, दर 2, समय 6 महीने। महीने का ब्याज ₹1,000, कुल ब्याज ₹6,000, कुल रकम ₹56,000। दर साल की हो और आपने महीने की मान ली, तो जवाब गलत आएगा।
किन बातों का ध्यान रखें?
- ब्याज की दर महीने की है या साल की, पहले स्पष्ट करें।
- ब्याज मूलधन पर लग रहा है या बकाया राशि पर, यह समझें।
- बीच में मूलधन वापस करने पर calculation बदल सकती है।
- क्या ब्याज पर फिर ब्याज लगाया जा रहा है, यह पूछें।
- कोई processing fee, penalty या अन्य charge है तो उसे अलग देखें।
- बड़े financial decisions में loan agreement/official documents जरूर देखें।
यह लेख समझाने के लिए है। यह किसी बैंक, NBFC या सरकारी संस्था का आधिकारिक फैसला नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गांव का ब्याज क्या होता है?
अनौपचारिक शब्द है। लोग इसे स्थानीय या निजी उधार के ब्याज के लिए कहते हैं, जो अक्सर सैकड़ा और महीने में बताया जाता है। यह कोई एक मानक दर नहीं है।
2 रुपये सैकड़ा का मतलब क्या है?
इस लेख में: हर ₹100 पर एक महीने ₹2 ब्याज, यानी 2% प्रति महीना। यह 2% सालाना नहीं है।
1 लाख पर 2 रुपये सैकड़ा कितना ब्याज होगा?
₹2,000 प्रति माह। 12 महीने का साधारण ब्याज ₹24,000, अगर मूलधन पूरा बकाया रहे।
2 रुपये सैकड़ा सालाना कितना होता है?
महीने की दर हो तो साधारण सालाना बराबरी 24% है। साल का 2 रुपये सैकड़ा करीब 2% वार्षिक होगा। दोनों एक नहीं हैं।
3 रुपये सैकड़ा पर 1 लाख का कितना ब्याज होगा?
₹3,000 प्रति माह और 12 महीने में ₹36,000, साधारण ब्याज मानकर।
क्या गांव का ब्याज और बैंक का ब्याज एक ही तरह निकाला जाता है?
आमतौर पर नहीं। स्थानीय दर महीने के सैकड़े में कही जा सकती है। बैंक आम तौर पर सालाना दर बताते हैं। तुलना एक ही समय आधार पर करें।
क्या सैकड़ा ब्याज चक्रवृद्धि होता है?
सैकड़ा सिर्फ दर बताने का तरीका है। साधारण होगा या चक्रवृद्धि, समझौते पर निर्भर करता है। यह कैलकुलेटर साधारण ब्याज मानता है।
निष्कर्ष
गांव या सैकड़ा ब्याज में सबसे जरूरी बात यह है कि दर महीने की है या साल की। 2 रुपये सैकड़ा प्रति महीना यानी हर ₹100 पर एक महीने ₹2। ₹1 लाख पर ₹2,000 महीना, 12 महीने का साधारण ब्याज ₹24,000। बैंक की दरें आमतौर पर सालाना कही जाती हैं, इसलिए एक ही आधार पर तुलना करें।
अपनी रकम और ब्याज की दर डालकर ऊपर दिए गए गांव का ब्याज कैलकुलेटर से तुरंत हिसाब देखें।

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